Friday, August 2, 2019

Tu Kahe Agar Jeevan Bhar

तू कहे अगर, तू कहे अगर
तू कहे अगर जीवन भर
मैं गीत सुनाता जाऊं
मन बीन बजाता जाऊं
तू कहे अगर
मैं साज़ हूँ तू सरगम है - २
देती जा सहारे मुझको - २
मैं राग हूँ तू बीणा है - २
इस दम जो पुकारे तुझको
आवाज़ में तेरी हर दम
आवाज़ मिलाता जाऊं
आकाश पे छाता जाऊं
तू कहे अगर...
इन बोलों में, तू ही तू है
मैं समझूँ या तू जाने, हो जाने
इनमें है कहानी मेरी, इनमें है तेरे अफ़साने
इनमें है तेरे अफ़साने
तू साज़ उठा उल्फ़त का
मैं झूम के गाता जाऊं
सपनों को जगाता जाऊं
तू कहे अगर...
tuu kahe agar, tuu kahe agar
tuu kahe agar jiivan bhar
mai.n giit sunaataa jaaU.n
man biin bajaataa jaaU.n
tuu kahe agar
mai.n saaz huu.N tuu saragam hai - 2
detii jaa sahaare mujhako - 2
mai.n raag huu.N tU bINaa hai - 2
is dam jo pukaare tujhako
aavaaz me.n terI har dam
aavaaz milaataa jaauu.n
aakaash pe chhaataa jaauu.n
tU kahe agar...
in bolo.n me.n, tuu hii tuu hai
mai.n samajhuu.N yaa tuu jaane, ho jaane
iname.n hai kahaanii merii, iname.n hai tere afasaane
iname.n hai tere afasaane
tU saaz uThaa ulfat kaa
mai.n jhuum ke gaataa jaauu.n
sapano.n ko jagaataa jaauu.n
tuu kahe agar...

Monday, July 22, 2019

Happy Birthday Mukesh Jee

#Happy_Birthday_Mukesh_Jee
सिंगर नहीं एक्टर बनना चाहते थे मुकेश, शादी में गाए एक गाने ने ऐसे बनाया दिया सुरों के सरताज
लाखों करोड़ों दिलों को अपनी गायकी से छू लेने वाले गायक मुकेश ने एक से बढ़कर एक गाने गाए हैं जो आज के दौर में भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं। 22 जुलाई 1923 को दिल्ली में जन्मे मुकेश का पूरा नाम मुकेश चंद्र माथुर था। हिंदी सिनेमा में मुकेश की आवाज का ऐसा जादू छाया कि कई दशकों तक वो गायकी की दुनिया में राज करते रहे। मुकेश की आवाज को पहली बार पहचाना उनके एक दूर के रिश्तेदार मोतीलाल ने दी थी।
दरअसल मुकेश उनकी बहन की शादी में गाना गा रहे थे। मोतीलाल मुकेश को मुंबई ले आए और यहां उन्होंने रियाज का पूरा इंतजाम किया। वैसे तो मुकेश ने कई एक्टर्स को अपनी आवाज दी लेकिन उनके गाए गाने सबसे ज्यादा राज कपूर के साथ हिट हुए। मुकेश की आवाज ने तो जैसे राज कपूर के करियर में भी जादू ही फूंक दिया था। राज कपूर के लिए मुकेश ने इतने सारे गाने गाए कि उन्हें राज कपूर की आवाज कहा जाने लगा।
'जीना यहां मरना यहां', 'जीना इसी का नाम है' से लेकर 'सजन रे झूठ मत बोलो' और 'दोस्त दोस्त ना रहा' जैसे ढेरों ऐसे गाने हैं जिसने राज कपूर के करियर को नई ऊंचाईयों दीं। मुकेश ने फिल्मों में गायकी के साथ एक्टिंग में भी हाथ आजमाया। फिल्म 'निर्दोष' (1941) से मुकेश ने अपना एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म में मुकेश के अपोजिट एक्ट्रेस नलिनी जयवंत थीं। मुकेश ने इसके बाद कुछ और फिल्मों में भी एक्टिंग की लेकिन वो सफल नहीं हो सके।
1976 में अमेरिका में मुकेश का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कहा जाता है कि मुकेश की मौत की खबर से सबसे ज्यादा सदमा राज कपूर को पहुंचा था। अनायास ही उनके मुंह से निकल पड़ा था, 'मुकेश के जाने से मेरी आवाज और आत्मा दोनों चली गईं।'
अमेरिका में मुकेश का कॉन्सर्ट था। सुबह-सुबह उठकर तैयारी कर ही रहे थे ही कि अचानक ही उनके सीने में दर्द उठा। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया ना जा सका। आज भले ही मुकेश इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन सुरीले तरानों के रूप में वो आज भी हमारे जेहन में जिंदा हैं।